२४ घंटे ॐ साधना :अंतर्यात्रा की दिशा में एक कदम

गृहप्रवेश के पूर्व बेंगलोर में २४ घंटे अखंड जप अक्षय तृतीया पर करने का अवसर मिलाl पहली बार इस तरह की साधना की l एक मित्र ने वहाँ पर नकारात्मकता शक्ति  होने की बात बताई थी lप्रारम्भ में बहुत उत्साह था लेकिन भीतर डर भी था की पूरी कैसे करेंगे l घी का दीपक कर मीना और मैंने निरन्तर २४ घंटा तक ॐ का जप किया l

चारो तरफ सकारात्मक बढ़ी l घर में डर समाप्त हुआ l रात्रि में सघन नीद आने लगी l इसके जप  से शारीरिक ,मानसिक व आध्यात्मिक शांति महसूस हुई lइससे चेतना में नई ऊर्जा  व सक्रियता का बोध  हुआ l  एकाग्रता बढ़ी l थकान,बैचेनी ,निराशा  एवं आलस्य घटा lबहुत सुखद परिणाम आये

 

शक्तिशाली रोग प्रतिरोधक सुप (Immunity Booster Soup ) घर पर कैसे बनाए?

यह सुप रक्त को शुद्ध करता हैl रोग प्रतिरोध की क्षमता बढ़ाता हैlसभी प्रकार के रोगी इसे पी सकते हैl तिन माह तक डेली पिने से थेलिसिमिया  पूरी तरह ठीक हो जाता है व कैंसर में भी इससे लाभ होता हैl
250 ग्राम लाल गाजर
250 ग्राम देसी नुकीली पालक
१०० ग्राम चुकन्दर 1 नग
१०० ग्राम टमाटर 1 नग
एक प्याज ,एक आलू ,3-4 कली लहसुन ,1 गांठ अदरक (२५ ग्राम )
जीरा अजवाइन,सेंधा नमक ,धनिया ,सौंफ व काला गुड स्वादानुसार डाले l स्टील के कुकर में सवा लीटर पानी के साथ मिक्स कर 6 सिटी ले ,फिर बिना छाने शाम के खाने के एक घंटा पूर्व पिए l

कलौंजी-एक रामबांण दवा, उसका सेवन किस रोग में व कैसे करें?

खुदा ने क्या खूब ये कलौंजी बनाई है।
जो मौत के सिवा हर मर्ज की दवाई है।

कलौंजी को विभिन्न बीमारियों में इस प्रकार प्रयोग किया जाता है।

1-कैंसरः- कैंसर के उपचार में कलौजी के तेल की आधी बड़ी चम्मच को एक ग्लास अंगूर के रस में मिलाकर दिन में तीन बार लें। लहसुन भी खुब खाएं। 2 किलो गैंहू और 1 किलो जौ के मिश्रित आटे की रोटी 40 दिन तक खिलाएं। आलू, अरबी और बैंगन से परहेज़ करें।

2-खांसी व दमाः- छाती और पीठ पर कलौंजी के तेल की मालिश करें, तीन बड़ी चम्मच तेल रोज पीयें और पानी में तेल डाल कर उसकी भाप लें।

3-डायबिटीजः- एक कप कलौंजी के बीज, एक कप राई, आधा कप अनार के छिलके और आधा कप पितपाप्र को पीस कर चूर्ण बना लें। आधी छोटी चम्मच कलौंजी के तेल के साथ रोज नाश्ते के पहले एक महीने तक लें।

4-हृदय रोग, ब्लड प्रेशर और हृदय की धमनियों का अवरोधः- जब भी कोई गर्म पेय लें, उसमें एक छोटी चम्मच तेल मिला कर लें, रोज सुबह लहसुन की दो कलियां नाश्ते के पहले लें और तीन दिन में एक बार पूरे शरीर पर तेल की मालिश करके आधा घंटा धूप का सेवन करें। यह उपचार एक महीनें तक लें।

5-कमर दर्द और आर्थाइटिसः- हल्का गर्म करके जहां दर्द हो वहां मालिश करें और एक बड़ी चम्मच तेल दिन में तीन बार लें। 15 दिन में बहुत आराम मिलेगा।

6-अम्लता और आमाशय शोथः- एक बड़ी चम्मच कलौंजी का तेल एक कप दूध में मिलाकर रोज पांच दिन तक सेवन करने से आमाशय की सब तकलीफें दूर हो जाती है।

7-बाल झड़नाः- बालों में नीबू का रस अच्छी तरह लगाये, 15 मिनट बाद बालों को शेम्पू कर लें व अच्छी तरह धोकर सुखा लें, सूखे बालों में कलौंजी का तेल लगायें एक सप्ताह के उपचार के बाद बालों का झड़ना बन्द हो जायेगा।

8-दस्त या पैचिशः-एक बड़ी चम्मच कलौंजी के तेल को एक चम्मच दही के साथ दिन में तीन बार लें दस्त ठीक हो जायेगा।

9रूसीः- 10 ग्राम कलौंजी का तेल, 30 ग्राम जैतून का तेल और 30 ग्राम पिसी मेंहन्दी को मिला कर गर्म करें। ठंडा होने पर बालों में लगाएं और एक घंटे बाद बालों को धो कर शैम्पू कर लें।

10-मानसिक तनावः- एक चाय की प्याली में एक बड़ी चम्मच कलौंजी का तेल डाल कर लेने से मन शांत हो जाता है और तनाव के सारे लक्षण ठीक हो जाते हैं।

11-स्त्री गुप्त रोगः- स्त्रियों के रोगों जैसे श्वेत प्रदर, रक्त प्रदर, प्रसवोपरांत दुर्बलता व रक्त स्त्राव आदि के लिए कलौंजी गुणकारी है। थोड़े से पुदीने की पत्तियों को दो ग्लास पानी में डाल कर उबालें, आधा चम्मच कलौंजी का तेल डाल कर दिन में दो बार पियें। बैंगन, आचार, अंडा और मछली से परहेज रखें।

12-पुरूष गुप्त रोगः- स्वप्नदोष, स्थंभन दोष, पुरुषहीनता आदि रोगों में एक कप सेब के रस में आधी छोटी चम्मच तेल मिला कर दिन में दो बार 21 दिन तक पियें। थोड़ा सा तेल गुप्तांग पर रोज मलें। तेज मसालेदार चीजों से परहेज करें।

वजन घटाने हेतु सूर्य मुद्रा लगाएँ

जो लोग मोटापा और मधुमेह जैसी समस्याओ से ग्रसित है उनके लिए यह योग मुद्रा बेहद ही फायदेमंद है|

विधि:-

  • सूर्य मुद्रा करने के लिए सबसे पहले तो सिद्धासन,पदमासन या सुखासन में बैठ जाएँ ।
  • अब दोनों हाँथ घुटनों पर रख लें और हथेलियाँ उपर की तरफ रहें|
  • अब सबसे पहले अनामिका उंगली को मोड़कर अंगूठे की जड़ में लगा लें एवं उपर से अंगूठे से दबा लें|
  • इस वक्त आपकी बाकी बची हुई तीनों उंगलियों को बिल्कुल सीधी रहने दे|

 

 

लाभ:-

  1. सूर्य मुद्रा को दिन में दो बार 15 मिनट करने से कोलेस्ट्राल घटता है|
  2. शरीर की सूजन दूर करने में भी यह मुद्रा लाभप्रद है|
  3. इसे करने से बलगम, खांसी, पुराना जुकाम, नजला, सांस का रोग, ज्यादा ठंड लगना तथा निमोनिया आदि रोग दूर हो जाते हैंl
  4. इसके नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव दूर होता है और भय, शोक खत्म हो जाते है|

5. इसे  नियमित करने से व्यक्ति में अंतर्ज्ञान जाग्रत होता है|

6 .इस मुद्रा के अभ्यास से पाचन प्रणाली ठीक होती है किन्तु यदि आपको एसिडिटी और अम्लपित्त की तकलीफ है तो यह मुद्रा ना करे|

 

सावधानियां:-

  • यदि आपका शरीर बहुत अधिक कमजोर है तो आपकोसूर्य मुद्रा नही करनी चाहिए|
  • सूर्य मुद्रा करने से शरीर में गर्मी बढ़ती है इसलिए गर्मियों में इस मुद्रा करने से पहले एक गिलास पानी पी लेना चाहिए।

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नाम को सार्थक करती डाक्टर बिस्वरूप रॉय चौधरी की पुस्तक “हॉस्पिटल से जिंदा कैसे लोंटे?”

जो व्यक्ति दवाईया  लेता है,उसे दो बार ठीक होना पड़ता है,एक बीमारी के असर से और दूसरा दवाई के असर से l

–  विलीयम ओस्लर

 

यह मेडीकल भ्रष्टाचार पर भारत की पहली पुस्तक हैl इसमें बताया गया है कि दवाइयों  के बिना भी कैसे ठीक हो सकते है?

डाक्टर बिस्वरूप रॉय चौधरी की पुस्तक “हॉस्पिटल से जिंदा कैसे लोंटे?”

आज हमारी बीमारी  बड़ी समस्या है लेकिन वही डॉक्टर व दवा कंपनियों के लिए एक व्यापार का अवसर हैl उनके लिए यह वरदान है,समस्या तो हमारी हैl वे इसे  सही भुनाते हैl हम अपनी जीवन शैली बिगाड़ कर यह मोका उनको परोसते हैl हम अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी नहीं लेकर उनकी शरण में जाते है इसमें उनकी कोई गलती नहीं हैl  जल्दबाजी  करते हुए ,अव्यवस्थित हम जीते है,रसायन युक्त पक्व आहार लेकर पेट खराब करते हैl

कोशिकाओं के अंदर की दोषयुक्त रासायनिक प्रतिक्रियाओं  को दवाओ से ठीक करने की कोशिश ठीक वैसी ही होगी जैसे कि आपके घर में मच्छर हो और आप उसे मारने के लिये मिसाइल या रोकेट लांचर का इस्तेमाल करें l

क्या होस्पिटल के डॉक्टरो व कर्मचारियों  से भूले नहीं होती है?

क्या अस्पताल रोगमुक्ति के केंद्र है या यमराज के घर है?

इस तरह के अनेक प्रश्नों के उत्तर इस पुस्तक में दिए हुएं हैl  वास्तव में इसमें स्वास्थ्य उधोग का  वह सच  बताया हुआ है जो आपकी ज़िन्दगी बदल  देगा l

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