स्टेरॉइड लेने के 8 साइड इफेक्ट

स्टेराइड के इस्तेमाल के कई गंभीर साइड इफेक्ट हैं।

  •  इससे मौत तक हो सकती है।
  • यह आदमी को पूरी तरह से नपुंसक बना सकता है।
  • यह चेहरे को मुंहासों से भर सकता है
  • और आपको बेहद गुस्सैल भी बना सकता है।
  • इससे लेनेवाले का हार्मोन संतुलन बिगड़ता हैl
  • कार्डियो सिस्टम खराब होता हैl
  • हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैl
  • लीवर,गुर्दे ख़राब हो जाते  हैl

शरीर का कोई ऐसा हिस्सा नहीं है जहां इसके नुकसान पहुंचाने की संभावना नहीं हो। इसलिए कभी कोई डॉक्टर गम्भीर रोग के सिवाय इसे लेने की सलाह  नहीं देता। इसीलिए दुनियाभर में इसकी खुली बिक्री पर बैन लगा हुआ हैl स्टेरॉइड कोई नशा नहीं होता मगर यह लत भी बन जाता है। अगर आपने एक बार इसे लिया तो आप इसे दोबारा लेंगे। जो नतीजे कोई डाइट या कोई दवा नहीं दे पाती वो स्टेरॉइड दे देता है, इसलिए लोग बार बार इसका इस्तेमाल करते हैं जो की बहुत घातक है।

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थकान मिटाने हेतु हर्बल पेय, सम्मेद शिखर पर जो पिलाते है उसे घर बनाएं

सम्मेद शिखर की यात्रा पर जो पेय  हमें ऊंचाई पर थकान उतारने  कोठी की तरफ से मिलता है,यह रेसिपी उसी से ली हुई हैl वास्तव में यह एक आयुर्वेदिक पेय है जो निम्न मसालों से तैयार करते है । इसके सेवन से सभी प्रकार की थकान तत्काल मिट जाती है । एक पाव हर्बल पेय बनाने हेतु निम्न मात्रा में सामग्री लें ।
1. सौंठ – 60 ग्राम
2. काली मिर्च – 25 ग्राम
3. सौंफ – 25 ग्राम
4. धनिया – 25 ग्राम
5. तेज पता – 25 ग्राम
6. ईलाइची छोटी – 12 ग्राम
7. ईलाइची बड़ी – 12 ग्राम
8. दाल चीनी – 12 ग्राम
9. लौंग – 12 ग्राम
10. अजवाईन – 12 ग्राम
11. जायफल – 3 ग्राम
12. पीपल – 3ग्राम
इन उपरोक्त सामग्री को अलग-अलग कुट पीस कर पाउडर बनाकर फिर मिक्स करे । एक कप पानी में उपरोक्त एक चम्मच मिक्स पाउडर को उबाल कर स्वादानुसार शक्कर मिलावें । इस प्रकार ऊर्जा पेय पिने के लिए तैयार है । यह सम्मेदशिखर की 20 किमी0 पैदल यात्रा करने पर पिलाया जाता है । यात्री थकान उतार कर पुनः 10 किमी0 चलते हैं । यह बढि़या हर्बल चाय है, पीकर लाभ देखें ।

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थायराइड की गोली निरन्तर लेने से उसके घातक साइड इफेक्ट

एलोपैथि में थाइरोइड ग्रंथी ठीक  नहीं की जाती है बल्कि इस रोग को  मैनेज किया जाता हैl रोग के साथ जीना सिखाया  जाता हैl स्वयं थायराइड ग्रंथी नियमित तैयार हार्मोन मिलते रहने से निष्क्रिय हो जाती हैl

थायराइड ग्रंथी एक महत्पूर्ण यदि उचित मात्रा में गोली न ले तो थकान,सरदर्द ,चिडचिडाहट ,पसीना आना ,धडकनों में अनियमितता, अनिंद्रा आदि हो सकते  हैl  अथार्त अपने डॉक्टर  से डोस  समय समय पर तय करा लेंl

थायराइड की गोली उचित मात्रा में  नियमित लेने से  भी कैल्शियम की कमी हो जाती है,फलस्वरूप धीरे धीरे हड्डीया कमजोर होने से ओस्टीपोरोसिस हो जाता हैl  इससे बदन में दर्द रहने लगता हैl कैल्शियम की कमी आगे चल कर गुर्दो को भी ख़राब करने लगती हैl  नियमित थाइरोइड की गोली लेते रहने से मूड  खराब होना, सरदर्द ,पसीना आना , धडकनों में अनियमितता, दस्त लगना  व हाथों में कम्पन्न भी हो सकते हैंl  लम्बे समय तक गोली लेने पर ह्रदय, अग्नाशय व जिगर  खराब हो सकते हैl

 

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चैत्र नवरात्रि में नीम रस क्यों पीना चाहिए ?

चैत्र माह में गर्मी प्रारम्भ हो जाती हैl मौसम परिवर्तन के कारण अनेक रोग हो जाते हैl इनसे बचाव  के लिए आयुर्वेद में  प्रातः भूखे  पेट नौ दिन नीम रस पिने का  विधान हैl

नीम के बारे में हमारे ग्रंथों में कहा गया है-

निम्ब शीतों लघुग्राही कटुकोडग्रि वातनुत।

अध्यः श्रमतुट्कास ज्वरारुचिकृमि प्रणतु॥ 

नीम शीतल, हल्का, ग्राही पाक में चरपरा, हृदय को प्रिय, अग्नि, वात, परिश्रम, तृषा, ज्वर अरुचि, कृमि, व्रण, कफ, वमन, कुष्ठ और विभिन्न प्रमेह को नष्ट करता है। नीम में कई तरह के लाभदायी पदार्थ होते हैं।

  • नीम जूस मधुमेह रोगियों के लिये भी फायदेमंद है। अगर आप रोजाना नीम जूस पिएंगे तो आपका ब्लड़ शुगर लेवल बिल्कुल कंट्रोल में हो जाएगा।
  • नीम के रस की दो बूंदे आंखो में डालने से आंखो की रौशनी बढ़ती है और अगर कन्जंगक्टवाइटिस हो गया है, तो वह भी जल्द ठीक हो जाता है।
  •  शरीर पर चिकन पॉक्स के निशान को साफ करने के लिये, नीम के रस से मसाज करें। इसके अलावा त्वचा संबधि रोग, जैसे एक्जिमा और स्मॉल पॉक्स भी इसके रस पीने से दूर हो जाते हैं।
  •  नीम एक रक्त-शोधक औषधि है, यह बुरे कैलेस्ट्रोल को कम या नष्ट करता है। नीम का महीने में 10 दिन तक सेवन करते रहने से हार्ट अटैक की बीमारी दूर हो सकती है।
  •  मसूड़ों से खून आने और पायरिया होने पर नीम के तने की भीतरी छाल या पत्तों को पानी में औंटकर कुल्ला करने से लाभ होता है। इससे मसूड़े और दाँत मजबूत होते हैं। नीम के फूलों का काढ़ा बनाकर पीने से भी इसमें लाभ होता है। नीम का दातुन नित्य करने से दांतों के अन्दर पाये जाने वाले कीटाणु नष्ट होते हैं। दाँत चमकीला एवं मसूड़े मजबूत व निरोग होते हैं। इससे चित्त प्रसन्न रहता है।
  •  नीम के रस का फायदा मलेरिया रोग में किया जाता है।
  • नीम वाइरस के विकास को रोकता है और लीवर की कार्यक्षमता को मजबूत करता हैl

स्वास्थ्य सेतु में प्रातः नीम रस सुबह 7 बजे उपलब्ध है,आप पीने पधारेl

क्षमा प्रार्थी हूँ!

 

मान्यवर,

हमारे अपने कुछ कृत्य बताते है कि मैंने आपके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया।kshama-yachna आपकी उपेक्षा, अनसुनी, मनमाफिक अर्थ निकालने, उपयोग-दुरुपयोग कुछ न कुछ वह किया है जो करने योग्य नहीं था। करके माफी चाहना भी अच्छी बात तो नहीं है, लेकिन दूसरा कोई विकल्प इससे बेहतर नहीं सुझ रहा है। इस भार को कम करने हेतु स्वयं भी माफ करने का भाव रखता हूँ व आपसे यही अपेक्षा है। वैसे भाव का प्रस्फुटन मिलने / चर्चा करने पर उत्तम रहता है। लेकिन मजबूरी है सभी से व्यक्तिगत बात नहीं हो सकती है। अतः पाती को ही भाव समझे।
जयन्ती जैन
मीना जैन
स्वास्थ्य सेतुए ( holistic health forum)उदयपुर

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