एसिडिटी और श्वशन रोगों से बचने कुंजल करें

हठयोग के षट्कर्म में से एक कुंजल क्रिया है जिसमे कुनकुना पानी पीकर उसे मुहं के द्वारा पुनः निकालना होता हैl 4 से 6 गिलास पानी बिना रुके पी कर उसे निकालते है l  एक लीटर पानी में एक चम्मच सेंधा नमक  मिलाते  है lमुहं में अनामिका व मध्यमा अंगूली डालकर  जीभ के निचे रगड़ते है इससे पानी बाहर आ जाता है , न आये तो 60 डिग्री पर धड को झुकाए व दूसरे हाथ से पेट को दबाने से पानी बाहर आ जाता है l  इससे आमाशय ,गला व श्वशन तंत्र में चिपका श्लेष्मा,कफ व बलगम साफ हो जाता है l आमाशय में जमा पित्त बाहर आ जाता हैl

योग का पूरा लाभ उठाने षट्कर्म अति आवश्यक

हठयोग के अनुसार योग का प्रथम चरण षट्कर्म – नेति ,धौति,बस्ति,नौली,कपाल भाति एवं त्राटक हैlआसन प्राणायाम करने का पूरा लाभ शारीरिक व मानसिक शुद्धी पर ही मिलता हैl
नेति द्वारा नासिका को,धौति द्वारा पाचन तंत्र को ,बस्ति द्वारा उत्सर्जन तंत्र को ,कपाल भाति द्वारा मस्तिष्क को शुद्ध एवं त्राटक द्वारा मन की चंचलता को कम किया जाता हैl

काम, क्रोध, लोभ, द्वेष इत्यादि मानसिक मलिनताएँ शरीर के अंदर विषैले पदार्थ उत्पन्न करते हैं। अशुद्ध भावनाओं के कारण प्राणों में असंतुलन हो जाता है। शरीर के विभिन्न अवयव इससे प्रभावित हो जाते हैं। तंत्रिकातंत्र दुर्बल हो जाता है। इसलिए शरीर को स्वस्थर और शक्तिशाली बनाने के लिए मानसिक मलिनताओं को दूर करना आवश्यक है।

भय से हृदय रोग होता है। दु:ख से तंत्रिकातंत्र असंतुलित हो जाता है। निराशा से दुर्बलता होती है। लोभ प्राणों को असंतुलित करता है जिससे अनेक प्रकार के शारीरिक रोग उत्पन्न होते हैं। अहंकार जीवन की पूर्णता का आनंद नहीं लेने देता। इससे पाचनतंत्र तथा किडनी संबंधी रोग होते हैं। अधिकांश बीमारियाँ रोगी की मानसिक विकृतियों के ही कारण हुआ करती हैं।

इसी प्रकार ध्यान से संपूर्ण शरीर में प्राणों का प्रवाह निर्बाध गति से संचारित होता है।
शारीरिक ,मानसिक व भावनात्मक शुद्धी षट्कर्म से होती है जो की आसन प्राणायाम का पूरा लाभ लेने के लिए जरूरी हैl तभी कहा जाता है की हठयोग के बिना राजयोग को प्राप्त नहीं किया जा सकता हैl

क्या ग्रीन टी स्वास्थ्य के लिए अच्छी है?

ग्रीन टी एक प्रकार की चाय  ही होती है, जो कैमेलिया साइनेन्सिस   नामक पौधे की पत्तियों से बनायी जाती है। यह  मात्र प्रोसेस्सड   की हुई नहीं होती हैl

अध्ययनों के अनुसार दांतों के लिए भी ग्रीन-टी काफी लाभदायक है। जीवाणुविषाणु और गले के संक्रमण से भी यह बचाव करती है। ग्रीन टी में पॉलीफिनोल्स होते हैं, जो दांतों को केविटी से बचाते हैं। इसके अलावा कैंसर से बचाव, ब्लैडर, कोलन, इसोफेगल, पैनक्रियाज, रेक्टम और पेट के कैंसर से ग्रीन टी काफी बचाव करती है। इसमें उपस्थित तत्व ऐसी कोशिकाओं को कम या न के बराबर पनपने देते हैं। इससे खून के थक्के जमने की समस्या भी कम होती एंटी इंफ्लेमेटरी होने के कारण इसमें दर्द को कम करने की क्षमता होती है। इसमें उपस्थित कुछ एंटी-ऑक्सीडेंट्स ऑर्थराइटिस के खतरे को कम भी करते हैं। ग्रीन टी यकृत की दो तरह से सुरक्षा करती है। पहले तो यह लीवर की कोशिकाओं की सुरक्षा करती है और दूसरे प्रतिरोधी प्रणाली को भी मजबूत बनाती है। रात को सोते वक्त और भूख लगने पर कैफीन नहीं पीना चाहिये। रात को पीने से यह भूख बढ़ाता है और नींद में समस्या आती है। जबकि ग्रीन टी रात में भी पी सकते हैं, क्योंकि इसमें सिर्फ कैफीन की मात्रा कम होती है।

एक दिन में दो कप से ज्यादा ग्रीन टी पीना नुकसानदेह हो सकता है. कई दूसरे पेय पदार्थों की तरह ग्रीन टी में भी कैफीन पाया जाता है जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. बहुत अधि‍क मात्रा में ग्रीन टी पीने से सिर दर्द, पेट दर्द, कब्ज, एसिडिटी, डायरिया और घबराहट की शिकायत हो सकती है.

गर्भवती महिलाओं को ग्रीन टी नहीं पीने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे गर्भपात का खतरा बढ़ जाता हैl

साधना में बाधा : पिंड में असंतुलन (Planetary Imbalances)

स्वस्थ शरीर साधना हेतु जरूरी हैlइसके अभाव में अंतर्यात्रा नहीं की जा सकती हैl  शरीर को स्वस्थ रखने हेतु सही विचारों का होना जरूरी हैl इस हेतु व्यक्तिमें नो दोषों का समाधान करना चाहिए l
1 वात दोष
2 पित्त दोष
3 कफ दोष
4 जोडों में दर्द
५ सरदर्द
6 दस्त
7 कब्ज
8 मूत्र  आने की आवृति में गडबड

9 स्नायविक असंतुलन

एक साधक को अपनी विचार प्रक्रीया को बदलते हुए उपरोक्त दोषों का समाधान आयुर्वेद, आहार  व योगिक  प्रक्रियाओ को अपना कर साधना करनी चाहिए l दोष अनुरूप समाधान  आगे  कभी बताया जायेगा l

स्टेरॉइड लेने के 8 साइड इफेक्ट

स्टेराइड के इस्तेमाल के कई गंभीर साइड इफेक्ट हैं।

  •  इससे मौत तक हो सकती है।
  • यह आदमी को पूरी तरह से नपुंसक बना सकता है।
  • यह चेहरे को मुंहासों से भर सकता है
  • और आपको बेहद गुस्सैल भी बना सकता है।
  • इससे लेनेवाले का हार्मोन संतुलन बिगड़ता हैl
  • कार्डियो सिस्टम खराब होता हैl
  • हड्डियाँ कमजोर हो जाती हैl
  • लीवर,गुर्दे ख़राब हो जाते  हैl

शरीर का कोई ऐसा हिस्सा नहीं है जहां इसके नुकसान पहुंचाने की संभावना नहीं हो। इसलिए कभी कोई डॉक्टर गम्भीर रोग के सिवाय इसे लेने की सलाह  नहीं देता। इसीलिए दुनियाभर में इसकी खुली बिक्री पर बैन लगा हुआ हैl स्टेरॉइड कोई नशा नहीं होता मगर यह लत भी बन जाता है। अगर आपने एक बार इसे लिया तो आप इसे दोबारा लेंगे। जो नतीजे कोई डाइट या कोई दवा नहीं दे पाती वो स्टेरॉइड दे देता है, इसलिए लोग बार बार इसका इस्तेमाल करते हैं जो की बहुत घातक है।