शक्तिशाली रोग प्रतिरोधक सुप (Immunity Booster Soup ) घर पर कैसे बनाए?

यह सुप रक्त को शुद्ध करता हैl रोग प्रतिरोध की क्षमता बढ़ाता हैlसभी प्रकार के रोगी इसे पी सकते हैl तिन माह तक डेली पिने से थेलिसिमिया  पूरी तरह ठीक हो जाता है व कैंसर में भी इससे लाभ होता हैl
250 ग्राम लाल गाजर
250 ग्राम देसी नुकीली पालक
१०० ग्राम चुकन्दर 1 नग
१०० ग्राम टमाटर 1 नग
एक प्याज ,एक आलू ,3-4 कली लहसुन ,1 गांठ अदरक (२५ ग्राम )
जीरा अजवाइन,सेंधा नमक ,धनिया ,सौंफ व काला गुड स्वादानुसार डाले l स्टील के कुकर में सवा लीटर पानी के साथ मिक्स कर 6 सिटी ले ,फिर बिना छाने शाम के खाने के एक घंटा पूर्व पिए l

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चोकर युक्त आटा खाने के 5 फायदे

चोकर के लाभ

गेहूं के छिलके को चोकर कहते हैं। आटे को छान कर चोकर को बाहर नहीं निकालना चाहिए l इसको नियमित  खाने के कई लाभ है:

  • इसमें रेशे होने से पाचन में सहायक है,इससे कब्ज दूर होता हैl
  • चोकर में जिसमें लौह, विटामिन बी आदि तत्व पाये जाते है जो की आपके शरीर में रक्त की मात्रा को बढ़ाते है और आपकी हड्डियों को भी मजबूत बनाने में सहायक होते है।
  • चोकर वाले आटे में फाइबर और पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है जिससे वजन कम होता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
  • डायटीशियन शैलजा त्रिवेदीके अनुसार चोकर वाले आटे से बनी रोटी दाल के साथ खाने से अमीनो एसिड की पर्याप्त मात्रा बॉडी को मिलती है।
  • यह आपके कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखता है तथा आपके अमाशय के घावों को भी सही करने में सहायक होता है।

दिवाली की शुभकामनाएं

हम  चाहे लाख दिये और
मोमबत्तीया जलाऐ इनसे
हमारे  जीवन में रोशनी
होने वाली नही।

असली दिवाली तो उस दिन
ही समझना जिस दिन हमारे
भीतर का दिया जले।

उससे पहले तो सब अंधकार
ही है ।

और राम के घर लौटने
से हमारा  क्या लेना देना,
बात तो उस दिन बनेगी
जब हम अपने
भीतर लौटोगे

तभी  होगी असली दिवाली l

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हम सपरिवार रोग मुक्त रहें इस हेतु कार्य योजना

 

हमें अपनी जीवन शैली इस तरह की बनानी हैं क़ि हम बीमार ही न हो

नाम को सार्थक करती डाक्टर बिस्वरूप रॉय चौधरी की पुस्तक “हॉस्पिटल से जिंदा कैसे लोंटे?”

जो व्यक्ति दवाईया  लेता है,उसे दो बार ठीक होना पड़ता है,एक बीमारी के असर से और दूसरा दवाई के असर से l

–  विलीयम ओस्लर

 

यह मेडीकल भ्रष्टाचार पर भारत की पहली पुस्तक हैl इसमें बताया गया है कि दवाइयों  के बिना भी कैसे ठीक हो सकते है?

डाक्टर बिस्वरूप रॉय चौधरी की पुस्तक “हॉस्पिटल से जिंदा कैसे लोंटे?”

आज हमारी बीमारी  बड़ी समस्या है लेकिन वही डॉक्टर व दवा कंपनियों के लिए एक व्यापार का अवसर हैl उनके लिए यह वरदान है,समस्या तो हमारी हैl वे इसे  सही भुनाते हैl हम अपनी जीवन शैली बिगाड़ कर यह मोका उनको परोसते हैl हम अपने स्वास्थ्य की जिम्मेदारी नहीं लेकर उनकी शरण में जाते है इसमें उनकी कोई गलती नहीं हैl  जल्दबाजी  करते हुए ,अव्यवस्थित हम जीते है,रसायन युक्त पक्व आहार लेकर पेट खराब करते हैl

कोशिकाओं के अंदर की दोषयुक्त रासायनिक प्रतिक्रियाओं  को दवाओ से ठीक करने की कोशिश ठीक वैसी ही होगी जैसे कि आपके घर में मच्छर हो और आप उसे मारने के लिये मिसाइल या रोकेट लांचर का इस्तेमाल करें l

क्या होस्पिटल के डॉक्टरो व कर्मचारियों  से भूले नहीं होती है?

क्या अस्पताल रोगमुक्ति के केंद्र है या यमराज के घर है?

इस तरह के अनेक प्रश्नों के उत्तर इस पुस्तक में दिए हुएं हैl  वास्तव में इसमें स्वास्थ्य उधोग का  वह सच  बताया हुआ है जो आपकी ज़िन्दगी बदल  देगा l

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