कोलेस्ट्रॉल घटाने का आयुर्वेदिक नुस्खा : बचे स्टेरॉयड के पार्श्व प्रभाव से

एलोपेथी में कोलेस्ट्रोल कम करने हेतु स्टेरोइड  दिए जाते है जिनके प्रभाव बड़े धातक होते हैंl अनुभूत नुस्खा लिख रहा हु l इसे आप धर पर  तैयार कर सकते हैl दवा लेने के पहले व दो माह बाद कोलेस्ट्रोल चेक करा ले l

निम्न घटकों को सामने अंकित मात्रानुसार ले:-

दालचीनी ——————-10 ग्राम
सौंठ।———————- 25 ग्राम
कालीमिर्च ——————25 ग्राम
अजवाइन——————- 25 ग्राम
मेथीदाना——————– 25 ग्राम
सौंफ। ———————–50 ग्राम
धनिया ———————–50 ग्राम
मिश्री ————————-50 ग्राम
कूट पीस कर बनाले।प्रतिदिन खाने के बाद एक चम्म्च गर्म पानी के साथ ले।
( —-   आभार र्देव्यांशी आयुर्वेद, डॉ मुकेश प्रजापत उदयपुर)

प्रात: शहद व लहसुन ले कर मोटापा, कोलेस्ट्रोल घटाएं व रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाए

शहद और लहसुन दोनों ही ऐसी चीजें हैं जिनका इस्तेमाल करने से हमारे शरीर को कई तरह के फायदे होते हैं। एक तरफ जहां लहसुन में एलिसिन और फाइबर शामिल होता है जोकि हमारे शरीर के लिए फायदेमंद होता है।

  1. शहदऔरलहसुनकोमिलाकरइसकासेवनकरनेसेहमारेशरीरमेंमौजूदअतिरिक्तचर्बीकमहोजातीहै। इसीकेसाथमोटापेसेभीआपकोछुटकारामिलताहै।
  2. लहसुन और शहद इम्यूनिटी बढ़ाए -लहसुन और शहद के मेल से इस घोल की शक्ति बढ जाती है और फिर यह इम्यून सिस्टम को मजबूत कर देता है. इम्यून सिस्टम मजबूत होने से शरीर मौसम की मार से बचा रहता है और उसे कोई बीमारी नहीं होती.
  3.  लहसुन और शहद दिल की सुरक्षा करे -इस मिश्रण को खाने से हृदय तक जाने वाली धमनियों में जमा वसा निकल जाता है, जिससे खून का प्रवाह ठीक प्रकार से हृदय तक पहुंच पाता है। इससे हृदय की सुरक्षा होती है।
  1.  लहसुन और शहद फंगल इंफेक्‍शन से बचाए-फंगल इंफेक्‍शन, शरीर के कई भागों पर हमला करते हैं, लेकिन एंटीबैक्‍टीरियल गुणों से भरा यह मिश्रण बैक्‍टीरिया को खतम कर के शरीर को बचाता है।इससे जुकाम व गले की खराश ठीक हो जाते है
  1.  लहसुन और शहद डीटॉक्‍स करे-यह एक प्राकृतिक डीटॉक्‍स मिश्रण है, जिसे खाने से शरीर से गंदगी और दूषित पदार्थ बाहर निकलता है।

कलौंजी-एक रामबांण दवा, उसका सेवन किस रोग में व कैसे करें?

खुदा ने क्या खूब ये कलौंजी बनाई है।
जो मौत के सिवा हर मर्ज की दवाई है।

कलौंजी को विभिन्न बीमारियों में इस प्रकार प्रयोग किया जाता है।

1-कैंसरः- कैंसर के उपचार में कलौजी के तेल की आधी बड़ी चम्मच को एक ग्लास अंगूर के रस में मिलाकर दिन में तीन बार लें। लहसुन भी खुब खाएं। 2 किलो गैंहू और 1 किलो जौ के मिश्रित आटे की रोटी 40 दिन तक खिलाएं। आलू, अरबी और बैंगन से परहेज़ करें।

2-खांसी व दमाः- छाती और पीठ पर कलौंजी के तेल की मालिश करें, तीन बड़ी चम्मच तेल रोज पीयें और पानी में तेल डाल कर उसकी भाप लें।

3-डायबिटीजः- एक कप कलौंजी के बीज, एक कप राई, आधा कप अनार के छिलके और आधा कप पितपाप्र को पीस कर चूर्ण बना लें। आधी छोटी चम्मच कलौंजी के तेल के साथ रोज नाश्ते के पहले एक महीने तक लें।

4-हृदय रोग, ब्लड प्रेशर और हृदय की धमनियों का अवरोधः- जब भी कोई गर्म पेय लें, उसमें एक छोटी चम्मच तेल मिला कर लें, रोज सुबह लहसुन की दो कलियां नाश्ते के पहले लें और तीन दिन में एक बार पूरे शरीर पर तेल की मालिश करके आधा घंटा धूप का सेवन करें। यह उपचार एक महीनें तक लें।

5-कमर दर्द और आर्थाइटिसः- हल्का गर्म करके जहां दर्द हो वहां मालिश करें और एक बड़ी चम्मच तेल दिन में तीन बार लें। 15 दिन में बहुत आराम मिलेगा।

6-अम्लता और आमाशय शोथः- एक बड़ी चम्मच कलौंजी का तेल एक कप दूध में मिलाकर रोज पांच दिन तक सेवन करने से आमाशय की सब तकलीफें दूर हो जाती है।

7-बाल झड़नाः- बालों में नीबू का रस अच्छी तरह लगाये, 15 मिनट बाद बालों को शेम्पू कर लें व अच्छी तरह धोकर सुखा लें, सूखे बालों में कलौंजी का तेल लगायें एक सप्ताह के उपचार के बाद बालों का झड़ना बन्द हो जायेगा।

8-दस्त या पैचिशः-एक बड़ी चम्मच कलौंजी के तेल को एक चम्मच दही के साथ दिन में तीन बार लें दस्त ठीक हो जायेगा।

9रूसीः- 10 ग्राम कलौंजी का तेल, 30 ग्राम जैतून का तेल और 30 ग्राम पिसी मेंहन्दी को मिला कर गर्म करें। ठंडा होने पर बालों में लगाएं और एक घंटे बाद बालों को धो कर शैम्पू कर लें।

10-मानसिक तनावः- एक चाय की प्याली में एक बड़ी चम्मच कलौंजी का तेल डाल कर लेने से मन शांत हो जाता है और तनाव के सारे लक्षण ठीक हो जाते हैं।

11-स्त्री गुप्त रोगः- स्त्रियों के रोगों जैसे श्वेत प्रदर, रक्त प्रदर, प्रसवोपरांत दुर्बलता व रक्त स्त्राव आदि के लिए कलौंजी गुणकारी है। थोड़े से पुदीने की पत्तियों को दो ग्लास पानी में डाल कर उबालें, आधा चम्मच कलौंजी का तेल डाल कर दिन में दो बार पियें। बैंगन, आचार, अंडा और मछली से परहेज रखें।

12-पुरूष गुप्त रोगः- स्वप्नदोष, स्थंभन दोष, पुरुषहीनता आदि रोगों में एक कप सेब के रस में आधी छोटी चम्मच तेल मिला कर दिन में दो बार 21 दिन तक पियें। थोड़ा सा तेल गुप्तांग पर रोज मलें। तेज मसालेदार चीजों से परहेज करें।

डाइबीटीज का स्थाई देशी इलाज

निम्न सात चीजो को अलग अलग कूट पिस कर चूर्ण बन ले lसुबह खाली पेट व सोने से पहले एक चम्मच रोजाना लेl मधुमेह  समय समय पर चेक कराते रहेl
सुखा करेला ———–५०ग्राम
गुडमार       – ———-५०ग्राम
निम्बोली        ———–५०ग्राम
जामुन गुठली ———–५०ग्राम
मेथी           –   ———-५०ग्राम
तेजपत्ता         ———–५०ग्राम
बेलपत्र        ———–2५०ग्राम

इससे मधुमेह  हमेशा के लिए समाप्त हो जाता हैl

चोकर युक्त आटा खाने के 5 फायदे

चोकर के लाभ

गेहूं के छिलके को चोकर कहते हैं। आटे को छान कर चोकर को बाहर नहीं निकालना चाहिए l इसको नियमित  खाने के कई लाभ है:

  • इसमें रेशे होने से पाचन में सहायक है,इससे कब्ज दूर होता हैl
  • चोकर में जिसमें लौह, विटामिन बी आदि तत्व पाये जाते है जो की आपके शरीर में रक्त की मात्रा को बढ़ाते है और आपकी हड्डियों को भी मजबूत बनाने में सहायक होते है।
  • चोकर वाले आटे में फाइबर और पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है जिससे वजन कम होता है और ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रहता है।
  • डायटीशियन शैलजा त्रिवेदीके अनुसार चोकर वाले आटे से बनी रोटी दाल के साथ खाने से अमीनो एसिड की पर्याप्त मात्रा बॉडी को मिलती है।
  • यह आपके कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखता है तथा आपके अमाशय के घावों को भी सही करने में सहायक होता है।