२४ घंटे ॐ साधना :अंतर्यात्रा की दिशा में एक कदम

गृहप्रवेश के पूर्व बेंगलोर में २४ घंटे अखंड जप अक्षय तृतीया पर करने का अवसर मिलाl पहली बार इस तरह की साधना की l एक मित्र ने वहाँ पर नकारात्मकता शक्ति  होने की बात बताई थी lप्रारम्भ में बहुत उत्साह था लेकिन भीतर डर भी था की पूरी कैसे करेंगे l घी का दीपक कर मीना और मैंने निरन्तर २४ घंटा तक ॐ का जप किया l

चारो तरफ सकारात्मक बढ़ी l घर में डर समाप्त हुआ l रात्रि में सघन नीद आने लगी l इसके जप  से शारीरिक ,मानसिक व आध्यात्मिक शांति महसूस हुई lइससे चेतना में नई ऊर्जा  व सक्रियता का बोध  हुआ l  एकाग्रता बढ़ी l थकान,बैचेनी ,निराशा  एवं आलस्य घटा lबहुत सुखद परिणाम आये

 

क्या ग्रीन टी स्वास्थ्य के लिए अच्छी है?

ग्रीन टी एक प्रकार की चाय  ही होती है, जो कैमेलिया साइनेन्सिस   नामक पौधे की पत्तियों से बनायी जाती है। यह  मात्र प्रोसेस्सड   की हुई नहीं होती हैl

अध्ययनों के अनुसार दांतों के लिए भी ग्रीन-टी काफी लाभदायक है। जीवाणुविषाणु और गले के संक्रमण से भी यह बचाव करती है। ग्रीन टी में पॉलीफिनोल्स होते हैं, जो दांतों को केविटी से बचाते हैं। इसके अलावा कैंसर से बचाव, ब्लैडर, कोलन, इसोफेगल, पैनक्रियाज, रेक्टम और पेट के कैंसर से ग्रीन टी काफी बचाव करती है। इसमें उपस्थित तत्व ऐसी कोशिकाओं को कम या न के बराबर पनपने देते हैं। इससे खून के थक्के जमने की समस्या भी कम होती एंटी इंफ्लेमेटरी होने के कारण इसमें दर्द को कम करने की क्षमता होती है। इसमें उपस्थित कुछ एंटी-ऑक्सीडेंट्स ऑर्थराइटिस के खतरे को कम भी करते हैं। ग्रीन टी यकृत की दो तरह से सुरक्षा करती है। पहले तो यह लीवर की कोशिकाओं की सुरक्षा करती है और दूसरे प्रतिरोधी प्रणाली को भी मजबूत बनाती है। रात को सोते वक्त और भूख लगने पर कैफीन नहीं पीना चाहिये। रात को पीने से यह भूख बढ़ाता है और नींद में समस्या आती है। जबकि ग्रीन टी रात में भी पी सकते हैं, क्योंकि इसमें सिर्फ कैफीन की मात्रा कम होती है।

एक दिन में दो कप से ज्यादा ग्रीन टी पीना नुकसानदेह हो सकता है. कई दूसरे पेय पदार्थों की तरह ग्रीन टी में भी कैफीन पाया जाता है जो सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. बहुत अधि‍क मात्रा में ग्रीन टी पीने से सिर दर्द, पेट दर्द, कब्ज, एसिडिटी, डायरिया और घबराहट की शिकायत हो सकती है.

गर्भवती महिलाओं को ग्रीन टी नहीं पीने की सलाह दी जाती है क्योंकि इससे गर्भपात का खतरा बढ़ जाता हैl

योग का पूरा लाभ उठाने षट्कर्म अति आवश्यक

षट्कर्म अथार्थ छ: कर्म जिनसे शरीर व मन की सफ़ाई की जाती हैlशारीरिक एवं मानसिक शुद्धीकरण के बिना योगाभ्यास से पूरा लाभ नहीं मिलता हैl शुद्धिकरण योग शरीर, मस्तिष्क एवं चेतना पर पूर्ण नियंत्रण का भास देता हैl वात,पित्त एवं कफ का संतुलन  होता हैlयोग के अनुसार निम्न छ: कर्म है:-
1 नेति
2 धौति
3 बस्ती
4 नौली
५ कपालभाति
6 त्राटक

 

 

1 नियमित रूप से नेति क्रिया करने पर कान, नासिका एवं कंठ क्षेत्र से गंदगी निकालने की प्रणाली ठीक से काम करती है तथा यह सर्दी एवं कफ, एलर्जिक राइनिटिस, ज्वर, टॉन्सिलाइटिस आदि दूर करने में सहायक होती है। इससे अवसाद, माइग्रेन, मिर्गी एवं उन्माद में यह लाभदायक होती है।

2 धौति क्रिया  में भोजन संसथान की सफाई की जाती हैl शंख प्रक्षालन में गुनगुना जल पीकर बाहर निकाला जाता हैl

3 बस्ती एक तरह का सहज एनिमा लगाने की तरह हैl इसमें गुदा द्वार से पानी को खिंच कर मल द्वार  को साफ किया जाता हैl

नौली क्रिया उदर की पेशियों, तंत्रिकाओं, आंतों, प्रजनन, उत्सर्जन एवं मूत्र संबंधी अंगों को ठीक करती है। अपच, अम्लता, वायु विकार, अवसाद एवं भावनात्मक समस्याओं से ग्रस्त व्यक्ति के लिए लाभदायक है।

5कपालभाति बीमारियों से दूर रखने के लिए रामबाण माना जाता है।  यह बलगम, पित्त एवं जल जनित रोगों को नष्ट करती है। यह सिर का शोधन करती है और फेफड़ों एवं कोशिकाओं से सामान्य श्वसन क्रिया की तुलना में अधिक कार्बन डाईऑक्साइड निकालती है। कहा जाता है कि कपालभाति प्रायः हर रोगों का इलाज है।

6 त्राटक नेत्रों की पेशियों, एकाग्रता तथा मेमोरी के लिए लाभप्रद होती है। इसका सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव मस्तिष्क पर होता है।यह  मन को एकाग्र करता हैl हठ योग से राजयोग की तरफ ले जाने की क्रिया हैl

मुझे चमत्कारिक रूप से अवचेतन मन से मदद कैसे मिली

मैंने अपने अवचेतन मन का उपयोग अनजाने में ही सन् 1978 में किया । जब मैं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पढ़ता था।  मेरी बचपन में मँगनी हो गई थी। मेरा परिवार शादी करने हेतु मुझ पर दबाव डाल रहा था।  मेरी माँ को उच्च रक्तचाप था।  पिताजी सामाजिक दबावों से व्यथित थे।  इन्हीं कारणों से, मैंने अपने माता-पिता से बात नहीं की।  साथ ही मुझे वह लड़की भी पसन्द नहीं थी।  मैं आई.ए.एस. की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। परन्तु मैं इस अनिर्णय की स्थिति से परेशान था।subconscious mind
उस समय मैं अवचेतन मन की शक्ति से परिचित नहीं था।  पर मैंने निश्चय किया कि, “ मैं, एक महीने में निर्णय कर लूँगा कि मुझे विवाह करना है या नहीं।”  कई दिनों तक सोने से पहले बिस्तर में पड़े़-पडे़ मैं स्वयं से पूछता, “क्या मुझे इस लड़की से विवाह करना चाहिये ?” अचानक 31 मार्च, 1978 की रात्रि को, जब मैं नींद में था मुझे एक तेज प्रकाश का आभास मेरे कमरे में हुआ।  एवं साथ ही मैंने एक आवाज सुनी, इस लड़की से शादी कर लो, भविष्य में इससे तुम्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं आयेगी।
आज मैं समझ पाया हूँ कि यह निर्णय मेरे अवचेतन मन से आया था। अब यह स्पष्ट हो गया है कि उस लड़की से विवाह का प्रस्ताव मेरे अवचेतन की शक्ति से प्रभावित था। और वह निर्णय मेरे जीवन में सफल एवं सकारात्मक रूप में उचित सिद्ध हुआ है।

डाइबीटीज का स्थाई देशी इलाज

निम्न सात चीजो को अलग अलग कूट पिस कर चूर्ण बन ले lसुबह खाली पेट व सोने से पहले एक चम्मच रोजाना लेl मधुमेह  समय समय पर चेक कराते रहेl
सुखा करेला ———–५०ग्राम
गुडमार       – ———-५०ग्राम
निम्बोली        ———–५०ग्राम
जामुन गुठली ———–५०ग्राम
मेथी           –   ———-५०ग्राम
तेजपत्ता         ———–५०ग्राम
बेलपत्र        ———–2५०ग्राम

इससे मधुमेह  हमेशा के लिए समाप्त हो जाता हैl