मुझे चमत्कारिक रूप से अवचेतन मन से मदद कैसे मिली

मैंने अपने अवचेतन मन का उपयोग अनजाने में ही सन् 1978 में किया । जब मैं जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में पढ़ता था।  मेरी बचपन में मँगनी हो गई थी। मेरा परिवार शादी करने हेतु मुझ पर दबाव डाल रहा था।  मेरी माँ को उच्च रक्तचाप था।  पिताजी सामाजिक दबावों से व्यथित थे।  इन्हीं कारणों से, मैंने अपने माता-पिता से बात नहीं की।  साथ ही मुझे वह लड़की भी पसन्द नहीं थी।  मैं आई.ए.एस. की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। परन्तु मैं इस अनिर्णय की स्थिति से परेशान था।subconscious mind
उस समय मैं अवचेतन मन की शक्ति से परिचित नहीं था।  पर मैंने निश्चय किया कि, “ मैं, एक महीने में निर्णय कर लूँगा कि मुझे विवाह करना है या नहीं।”  कई दिनों तक सोने से पहले बिस्तर में पड़े़-पडे़ मैं स्वयं से पूछता, “क्या मुझे इस लड़की से विवाह करना चाहिये ?” अचानक 31 मार्च, 1978 की रात्रि को, जब मैं नींद में था मुझे एक तेज प्रकाश का आभास मेरे कमरे में हुआ।  एवं साथ ही मैंने एक आवाज सुनी, इस लड़की से शादी कर लो, भविष्य में इससे तुम्हें किसी प्रकार की समस्या नहीं आयेगी।
आज मैं समझ पाया हूँ कि यह निर्णय मेरे अवचेतन मन से आया था। अब यह स्पष्ट हो गया है कि उस लड़की से विवाह का प्रस्ताव मेरे अवचेतन की शक्ति से प्रभावित था। और वह निर्णय मेरे जीवन में सफल एवं सकारात्मक रूप में उचित सिद्ध हुआ है।

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भावात्मक अवरोध दूर करने EFT करने की सही विधि

ई.एफ.टी. की मुख्य क्रिया को हम चार चरणों में बांट सकते हैं।
1. रूपरेखा SETUP
2. जादू की थप्पी THE TAPPING SEQUENCE
3. पुनरावृत्ति REPEAT THE TAPPING SEQUENCE

रूपरेखा (SETUP)
अब आपको स्वीकारोक्ति वाक्य तीन बार दोहराते हुए अपनी छाती पर स्थित दाहिने या बाएं या दोनों सुकुमार स्थल (Sore Spot) को अंगुलियों से रगड़ना है या कराटे चॉप पॉइंट को थपथपाना है। रगड़ने या थपथपाने में बहुत ज्यादा ताकत भी नहीं लगानी है। सुकुमार स्थल मालूम करने के लिए गर्दन के निचले भाग में स्थित गड्डे में अंगुली रखें और तीन इंच नीचे जायें और फिर तीन इंच बगल की दिशा में अंगुली ले जायें। यही सुकुमार स्थल (Sore Spot) है। यदि इस जगह अंगुलियां रगड़ने या घुमाने में तकलीफ या दर्द हो तो आप दूसरी तरफ के सुकुमार स्थल या कराटे चॉप पॉइंट को थपथपा सकते हैं। हाथ के छोटी अंगुली कनिष्ठा के आधार और कलाई के बीच के मांसल हिस्से को कराटे चॉप पॉइंट कहते हैं।
जादू की थप्पी (THE TAPPING SEQUENCE)
इस चरण में आपको पुनरावृत्ति वाक्य दोहराते हुए और अपना ध्यान समस्या पर कैंद्रित करते हुए चेहरे, छाती और हाथ के अमुक बिंदुओं को क्रमवार थप्पी लगाना है। थप्पी लगाने के लिए दाहिने या बांये किसी भी हाथ की दो अंगुलियां उपयुक्त रहती हैं, इससे बिंदु अच्छी तरह उत्साहित हो जाता है। हर बिंदु को सात बार थपथपाना चाहिये। इन बिंदुओं को थपथपाने से हमारी सूक्ष्म ऊर्जा प्रणाली समझ लेती है कि हमें किस तकलीफ से छुटकारा पाना है। आप दाहिने या बांये किसी भी तरफ के बिंदु थपथपा सकते हैं और ध्यान रखे कि बहुत ज्यादा ताकत नहीं लगायें। सबसे पहला बिंदु भ्रकुटि बिंदु है जिसे आप सबसे पहले दो अंगुलियों से सात बार थपथपायेगे। इसके बाद विभिन्न बिंदुओँ को थपथपाते हुए आगे बढ़ेंगे। आपको लिए कुल 12 बिंदुओं को थपथपाना है जो मैं नीचे दे रहा हूँ।
• भ्रकुटि बिंदु या EB = Eyebrow भौंह के अंदर वाली जगह पर स्थित होता है, जहां से भौंह शुरू होती है।
• नेत्र पार्श्व बिंदु या SE = Side of Eye यह नेत्र के बाहरी किनारे के पास स्थित होता है, जहां भौंह खत्म होती है।
• अधो नेत्र बिंदु UE = Under Eye यह बिंदु आँख के एक इंच नीचे स्थित होता है।
• अधो नासिका बिंदु UN = Under Nose यह बिंदु नाक के नीचे और ऊपरी होंठो के ऊपर स्थित होता है।
• ठुड्डी बिंदु CH = Chin यह बिंदु आपकी ठुड्डी के ऊपर और निचले होंठो के बीच स्थित होता है।
• हंसली बिंदु CB = Collarbone यह गर्दन के निचले हिस्से में स्थित गड्डे के एक इंच नीचे और एक इंच बाहर स्थित होता है।
• अधो स्तनाग्र बिंदु BN = Below nipple यह पुरुषों में स्तनाग्र के एक इंच नीचे और स्त्रियों में उस जगह स्थित होता है जहां स्तन का निचला हिस्सा छाती से मिलता है।
• अधो कक्ष बिंदु UA = Under Arm यह आपकी बगल में कांख से चार इंच नीचे स्थित होता है।
• अंगुष्ठा बिंदु TH = Side of Thumbnail यह बिंदु अंगूठे पर नाखून के आधार के बाहरी सिरे पर स्थित होता है।
• तर्जिनी बिंदु IF = Side of Index Finger Nail यह बिंदु तर्जिनी पर नाखून के आधार के अंगुठे की तरफ स्थित होता है।
• मध्यमा बिंदु MF = Side of Middle Finger Nail यह बिंदु मध्यमा पर नाखून के आधार के अंगुठे की तरफ स्थित होता है।
• कनिष्टा बिंदु LF = Side of Little Finger Nail यह बिंदु कनिष्टा पर नाखून के आधार के अंगुठे की तरफ स्थित होता है।
• KC = Karate Chop Point

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इमोशनल फ्रीडम टेकनिक (EFT)क्या है?

इमोशनल फ्रीडम टेकनीक (Emotional Freedom Technique) सामान्य मनो-चिकित्सा से अलग एक नई जादुई उपचार पद्धति है जो हमारे शरीर की सूक्ष्म ऊर्जा प्रणाली में आई रुकावट को संतुलित करती है और हमारे शरीर तथा मन से नकारात्मक भावनाओं को निकाल देती है। जिससे हमें भावनात्मक और दैहिक विकारों से तुरंत मुक्ति मिल सकती है। चीन में इस ऊर्जा को ची या Qiकहते हैं जो ऊर्जा तंत्रिकाओं (Meridians) में बहती है। 5000 वर्ष पुरानी एक्युपंक्चर और एक्युप्रेशर उपचार पद्धतियां भी इसी सूक्ष्म ऊर्जा प्रणाली पर आधारित हैं। गैरी क्रेग द्वारा विकसित इस उपचार को भावनात्मक एक्युपंक्चर भी कहते हैं, लेकिन इसमें सुई न लगा कर ऊर्जा बिन्दुओं को दो अंगुलियों से थपथपाया जाता है। यह डर, भय, चिंता, क्रोध, व्यसन, आघात, अवसाद, बुरे स्वप्न, दर्द, सिरदर्द आदि सभी भावनात्मक और दैहिक विकारों का सरल लेकिन शक्तिशाली उपाय है। जिस प्रकार हमारे कम्प्यूटर में एक रिस्टार्ट बटन होता है और जब कोई गड़बड़ होती है या कम्प्यूटर हैंग हो जाता है तो रिस्टार्ट बटन दबाने पर कम्प्यूटर पुनः ठीक से चालू हो जाता है। उसी तरह ई.एफ.टी. भी हमारी सूक्ष्म ऊर्जा प्रणाली में आई रुकावट को ठीक करने के लिए रिस्टार्ट बटन का काम करती है।

( निरन्तर…… इसकी विधि अगली बार )

जीवन ऊर्जा बढ़ाने प्राण मुद्रा लगाएँ

प्राण मुद्रा को प्राणशक्ति का केंद्र माना जाता है और इसको करने से प्राणशक्ति बढ़ती है । इस मुद्रा में छोटी अँगुली (कनिष्ठा) और अनामिका (सूर्य अँगुली) दोनों को अँगूठे से स्पर्श कराना होता है । और बाकी छूट गई अँगुलियों को सीधा रखने से अंग्रेजी का ‘वी’बन जाता हैl

प्राण मुद्रा के लाभ

  • प्राण मुद्रा से आँखों की रौशनी बढती है साथ ही साथआँखों से जुड़ी कई परेशानियां भी दूर होती है।
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने से कई परेशानिया जैसे की बार बार -बार सर्दी-जुकाम होना, बुखार आना होती है| इसके अभ्यास से आपका प्रतिरोधक तंत्र मजबूत बनता है|
  • जिन महिलाओ को मासिक धर्म के दौरान बहुत दर्द होता है उन्हें इसे करने से फायदा मिलता है|
  • जिन लोगो की सहनशीलता कम होती है और लगातार थकान बनी रहती है, उन्हें इस मुद्रा को करने से ताकत मिलती है|
  • यह त्वचा के रोगों को भी ठीक करता है| इससे लाल त्वचा, त्वचा पर चकत्ते, पित्ती आदि रोग ठीक होते है|
  • उच्च रक्तचाप के मरीजो के लिए भी यह आसन लाभदायक है|
  • यदि आपको छोटी छोटी बात पर क्रोध आता है और चिड़चिड़ापन महसूस होता है तो इसे करने से इन सभी चीजों में कमी आती है|
  • अन्य समस्याए जिसमे प्राण मुद्रा को करने से फायदा मिलता है:-

थॉयरायड का बढ़ना

जोड़ों में अस्थिरता

भूलने की आदत

नींद न आना (अनिद्रा)

पेट में जलन

कब्ज और एसिडिटी

मूत्र मार्ग में जलन होना

दुर्गंधयुक्त पसीना

पीलिया

समय से पहले बुढ़ापा आना

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हाई बी पी की गोली निरन्तर लेने के साईड इफेक्ट

 

सभी दवाओं के साईड इफेक्ट होते हैlउच्च रक्तचाप की गोली निरंतर लेते रहने से घातक  दुष्प्रभाव होते हैl प्रत्येक रोगी में साईंड इफेक्ट अलग अलग होते हैl एक ही दवा के प्रभाव भिन्न भिन्न रोगी में  अलग अलग  हो सकते हैl

उच्च रक्तचाप की गोली के लेते रहने से जी घबराना ,उलटी होना , कफ बनना  व थकान बढ़ जाती हैl कुछ लोगो को कब्ज ,दस्त लगना ,वजन बढना या घटना,सरदर्द व सेक्स में रूचि का घटना भी शामिल हैl ऐ सी इ इन्हिबिटोर्स के लेने से कफ बढ़ता हैl डाईयुरेटिकस लेने से पेशाब की आवृति बढ़ जाती हैl

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