वजन घटाने व कार्य क्षमता बढ़ाने का शर्तिया घरेलू नुस्खा

अपनी कार्य क्षमता बढ़ा कर सफल होने, स्फूर्ति वान होने व चर्बी घटा कर तन्दरूस्त होने का यह आजमाया हुआ नुस्खा है। अनेक लोगों ने इसका प्रयोग कर सफलता पाई है।
नुस्खा निम्न प्रकार है:

मिश्रण: 50 ग्राम मेथी$ 20 ग्राम अजवाइन$10 ग्राम काली जीरी

बनाने की विधिः- मेथी, अजवाइन तथा काली जीरी को इस मात्रा में खरीद कर साफ कर लें। तत्पश्चात् प्रत्येक वस्तु को धीमी आंच में तवे के उपर हल्का सेकें। सेकने के बाद प्रत्येक को मिक्सर-ग्राइंडर मंे पीसकर पाउडर बनालें। तीनों के पाउडर को मिला कर पारदर्शक डिब्बे में भर लेवें। आपकी अमूल्य दवाई तैयार है।

काली जीरी व कालाजीरा अलग अलग होते हैl

दवाई लेने की विधिः– तैयार दवाई को रात्रि को खाना खाने के बाद सोते समय 1 चम्मच गर्म पानी के साथ लेवें। याद रखें इसे गर्म पानी के साथ ही लेना है। इस दवाई को रोज लेने से शरीर के किसी भी कोने मंे अनावश्यक चर्बी/ गंदा मैल मल मुत्र के साथ शरीर से बाहर निकल जाता है, तथा शरीर सुन्दर स्वरूपमान बन जाता है। मरीज को दवाई 30 दिन से 90 दिन तक लेनी होगी।
लाभः– इस दवाई को लेने से न केवल शरीर मंे अनावश्यक चर्बी दूर हो जाती है बल्किः-

शरीर में रक्त का परिसंचरण तीव्र होता है। ह्नदय रोग से बचाव होता है तथा कोलेस्ट्रोल घटता है।
पुरानी कब्जी से होेने वाले रोग दूर होते है। पाचन शक्ति बढ़ती है।
गठिया वादी हमेशा के लिए समाप्त होती है।
दांत मजबूत बनते है। हडिंया मजबूत होगी।
आॅख का तेज बढ़ता है कानों से सम्बन्धित रोग व बहरापन दूर होता है।
शरीर में अनावश्यक कफ नहीं बनता है।
कार्य क्षमता बढ़ती है, शरीर स्फूर्तिवान बनता है। घोड़े के समान तीव्र चाल बनती है।
चर्म रोग दूर होते है, शरीर की त्वचा की सलवटें दूर होती है, टमाटर जैसी लालिमा लिये शरीर क्रांति-ओज मय बनता है।
स्मरण शक्ति बढ़ती है तथा कदम आयु भी बढ़ती है, यौवन चिरकाल तक बना रहता है।
पहले ली गई एलोपेथिक दवाईयां के साइड इफेक्ट को कम करती है।
इस दवा को लेने से शुगर (डायबिटिज) नियंत्रित रहती है।
बालों की वृद्धि तेजी से होती है।
शरीर सुडौल, रोग मुक्त बनता है।
स्वामी रामदेवजी के योग करने से दवाई का जल्दी लाभ होता है।
परहेजः– 1. इस दवाई को लेने के बाद रात्रि मंे कोई दूसरी खाद्य-सामग्री नहीं खाएं।

2. यदि कोई व्यक्ति धुम्रपान करता है, तम्बाकू-गुटखा खाता या मांसाहार करता है तो उसे यह चीजे छोड़ने पर ही दवा फायदा पहुचाएंगी।

3. शाम का भोजन करने के कम-से-कम दो घण्टे बाद दवाई लें।

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भावात्मक अवरोध दूर करने EFT करने की सही विधि

ई.एफ.टी. की मुख्य क्रिया को हम चार चरणों में बांट सकते हैं।
1. रूपरेखा SETUP
2. जादू की थप्पी THE TAPPING SEQUENCE
3. पुनरावृत्ति REPEAT THE TAPPING SEQUENCE

रूपरेखा (SETUP)
अब आपको स्वीकारोक्ति वाक्य तीन बार दोहराते हुए अपनी छाती पर स्थित दाहिने या बाएं या दोनों सुकुमार स्थल (Sore Spot) को अंगुलियों से रगड़ना है या कराटे चॉप पॉइंट को थपथपाना है। रगड़ने या थपथपाने में बहुत ज्यादा ताकत भी नहीं लगानी है। सुकुमार स्थल मालूम करने के लिए गर्दन के निचले भाग में स्थित गड्डे में अंगुली रखें और तीन इंच नीचे जायें और फिर तीन इंच बगल की दिशा में अंगुली ले जायें। यही सुकुमार स्थल (Sore Spot) है। यदि इस जगह अंगुलियां रगड़ने या घुमाने में तकलीफ या दर्द हो तो आप दूसरी तरफ के सुकुमार स्थल या कराटे चॉप पॉइंट को थपथपा सकते हैं। हाथ के छोटी अंगुली कनिष्ठा के आधार और कलाई के बीच के मांसल हिस्से को कराटे चॉप पॉइंट कहते हैं।
जादू की थप्पी (THE TAPPING SEQUENCE)
इस चरण में आपको पुनरावृत्ति वाक्य दोहराते हुए और अपना ध्यान समस्या पर कैंद्रित करते हुए चेहरे, छाती और हाथ के अमुक बिंदुओं को क्रमवार थप्पी लगाना है। थप्पी लगाने के लिए दाहिने या बांये किसी भी हाथ की दो अंगुलियां उपयुक्त रहती हैं, इससे बिंदु अच्छी तरह उत्साहित हो जाता है। हर बिंदु को सात बार थपथपाना चाहिये। इन बिंदुओं को थपथपाने से हमारी सूक्ष्म ऊर्जा प्रणाली समझ लेती है कि हमें किस तकलीफ से छुटकारा पाना है। आप दाहिने या बांये किसी भी तरफ के बिंदु थपथपा सकते हैं और ध्यान रखे कि बहुत ज्यादा ताकत नहीं लगायें। सबसे पहला बिंदु भ्रकुटि बिंदु है जिसे आप सबसे पहले दो अंगुलियों से सात बार थपथपायेगे। इसके बाद विभिन्न बिंदुओँ को थपथपाते हुए आगे बढ़ेंगे। आपको लिए कुल 12 बिंदुओं को थपथपाना है जो मैं नीचे दे रहा हूँ।
• भ्रकुटि बिंदु या EB = Eyebrow भौंह के अंदर वाली जगह पर स्थित होता है, जहां से भौंह शुरू होती है।
• नेत्र पार्श्व बिंदु या SE = Side of Eye यह नेत्र के बाहरी किनारे के पास स्थित होता है, जहां भौंह खत्म होती है।
• अधो नेत्र बिंदु UE = Under Eye यह बिंदु आँख के एक इंच नीचे स्थित होता है।
• अधो नासिका बिंदु UN = Under Nose यह बिंदु नाक के नीचे और ऊपरी होंठो के ऊपर स्थित होता है।
• ठुड्डी बिंदु CH = Chin यह बिंदु आपकी ठुड्डी के ऊपर और निचले होंठो के बीच स्थित होता है।
• हंसली बिंदु CB = Collarbone यह गर्दन के निचले हिस्से में स्थित गड्डे के एक इंच नीचे और एक इंच बाहर स्थित होता है।
• अधो स्तनाग्र बिंदु BN = Below nipple यह पुरुषों में स्तनाग्र के एक इंच नीचे और स्त्रियों में उस जगह स्थित होता है जहां स्तन का निचला हिस्सा छाती से मिलता है।
• अधो कक्ष बिंदु UA = Under Arm यह आपकी बगल में कांख से चार इंच नीचे स्थित होता है।
• अंगुष्ठा बिंदु TH = Side of Thumbnail यह बिंदु अंगूठे पर नाखून के आधार के बाहरी सिरे पर स्थित होता है।
• तर्जिनी बिंदु IF = Side of Index Finger Nail यह बिंदु तर्जिनी पर नाखून के आधार के अंगुठे की तरफ स्थित होता है।
• मध्यमा बिंदु MF = Side of Middle Finger Nail यह बिंदु मध्यमा पर नाखून के आधार के अंगुठे की तरफ स्थित होता है।
• कनिष्टा बिंदु LF = Side of Little Finger Nail यह बिंदु कनिष्टा पर नाखून के आधार के अंगुठे की तरफ स्थित होता है।
• KC = Karate Chop Point

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मनोहर श्याम जोषी की प्रसिद्ध कृति: पटकथा लेखन एक परिचय


यह हिन्दी में पटकथा लेखन पर सर्वश्रेष्ठ कृति है। इसमें पटकथा के सभी अंगोे का विस्तृत उदारहण सहित वर्णन है। पटकथा लिखने से पूर्व इसको पढ़ना बहुत जरुरी है। इसमें फिल्म की पटकथा एवं टीवी धारावाहिको की पटकथा पर विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। फिल्म मेकिंग, फिल्म सम्पादन,संवाद लेखन, कैमरा टेकनिक एवं षाॅट की जानकारी है। जो फिल्म लेखन के लिए जरुरी है। इसमें 23 पाठ है।
आईडिया, प्रिमाईस, वन मिनट सिनोप्सीस, टू मिनट मूवी, ट्रीटमेन्ट,(आम्बियांस और हाइलाइट्स), स्टेप आउट लाईन,, फिल्म के तीन अंग-सेटअप, टकराहट,चरमोत्कर्ष और समाधान, प्लाॅट पाॅइंट, षूटिंग स्क्रीप्ट ,एक्शन पाॅइंट को विस्तार से समझाया गया है।
मनोहर ष्याम जोषी हिन्दी के जाने माने रचनाकार है। वैसे भारत में टीवी धारावाहिकों के आप जन्मदाता है। कुरु-कुरु स्वाहा, कक्काजी कहिन आदि प्रसिद्ध उपन्यास लिखे है। हम लोग एवं बुनियाद जिसे प्रसिद्ध धारावाहिक आपने ही लिखे थे। है राम, अप्पू राजा, पापा कहते है आदि फिल्मों की पटकथाएं आपने लिखी है।
प्रकाशक : राजकमल प्रकाशन , नई देल्ही
मूल्य : रू 75

क्या आप कृष्ण से कम भाग्यशाली है!

योगेश्वर कृष्ण

आपकी स्थिति कृष्ण से बेहतर है! इसमें हॅसने की जरुरत नहीं है।

इसके लिए श्री कृष्ण के जीवन से अपने जीवन की परिस्थिति की तुलना करने की जरुरत है।

हमारे में से किसे का जन्म जेल में नहीे हुआ। जबकि योगेश्वर कृष्ण का जन्म जेल में हुआ था। उनके मां बाप दोनों राजा होकर कंस के वहाँ बन्दी थे। आपके मां बाप आपके जन्म के समय बन्दी तो न थे।

किसी ने तुम्हें स्तनों पर जहर लगाकर दूध तो न पिलाया ? जबकि पूतना ने कृष्ण को मारने के लिए यह किया था। मां बाप के होते हुए कृष्ण यशोदा केे पास पले।हमारे मे से अधिकतर लोगों का पालन पोषण तो हमारी मां ने ही किया है।

बचपन में उन्हें गाय चराने भेजा गया। मुख्यतः हममे से किसी को भी जानवरों को चराने के लिए तो नहीं भेजा गया।

कम से कम आपके मामा आपको मारना तो नहीं चाहते थे ?

कृष्ण को उनकी प्रेमिका राधा बिछुड़ने के बाद शेष जीवन में फिर कभी ना मिली।

राजा होकर महाभारत के युद्ध में अर्जुन का रथ संचालन करना पड़ा। आज की भाषा में कहे तो वाहन चालक की भूमिका निभानी पड़ी। फिर चिन्ता की क्या बात है।

हुई न आपकी स्थिति कृष्ण से बेहतर ।इसे सदैव यद् रखे l

विपरीत परिस्थितियों के होते हुए महान् कार्य किये। यदि अपनी आत्म छवि एवं आत्म विश्वास है तो आप भी अपना सोचा प्राप्त कर सकते है। आपकी आत्म छवि ही आपको सफलता व सुख दिला सकती है।

सुपर फ़ूड किसे कहते है?

जैसेजैसे सामान्य भोज्यपदार्थों के विशिष्ट गुण पता लगने लगे हैं, वैसेवैसे कुछ विशेषज्ञ उन्हें सुपर की श्रेणी में रखने लगे हैं. इन पदार्थों को सुपरफूड इसलिए कहा जाने लगा है, क्योंकि जरूरी पोषक तत्त्वों के अलावा उन में ऐंटीऔक्सीडैंट होते हैं, जो हमें जवां बनाए रखते हैं और कैंसर जैसे गंभीर रोगों से बचाते हैं. उन में हैल्दी फैट होते हैं ताकि हृदयरोग से बचाव हो सके. उन में फाइबर होते हैं ताकि डायबिटीज और पेट की गड़बड़ी परेशान न करे. उन में फाइटोकैमिकल्स होते हैं, जो हमें रोग नहीं लगने देते.

अलसी ,ब्राउन राईस , दूध=दही ,बिन्स , ग्रीन टी  कुछ प्रमुख सुपरफूड हैं.