Art of Living · Life-Management · Meditation · Self-Healing · Spirituality · Stress Management · success · Uncategorized

गुंजन भ्रामरी , ॐजप व ध्यान सम लाभदायक

अपने दबाव व तनाव का सामना गुंजन करके करें।  भीतरी दबावों से मुक्त होने में सहायक हैlभौरों की तरह गंुजन करो। बस गुनगुनाओं। इस प्रकार गुंजन करने से हमारे सारे दबाव समाप्त हो जाते है। दबी हुई इच्छाएँ व वासनाएँ गंुजन करने से निकल जाती है। वैसे आधा घंटे प्रातः काल सीधे बैठ कर गंुजन करो व दिन में जब भी मौका, मिले गंुजन करें। गुंजन के बाद  आभामंडल की सफाई करेl  इसके बाद विश्राम करे वह ध्यान बन जाता हैl

गुजन

गंुजन एक तरह का प्राणायाम है। भ्रामरी प्राणायाम का यह सरल रूप है। गुुंजन करने से हमारा ध्यान गहराता  है। गुंजन करने से व्यक्ति स्वयं के पास आता है। इससे स्वयं को जानने में सहायता मिलती है। यह स्वयं पास जाने की मार्ग है, स्वयं से जुड़ने में सहायक है। अपने भटकते मन को नियन्त्रित करने का यह सरल मार्ग है। तभी तो कहते है कि जब गुनगुनाती हुई स्त्री खाना बनाती है तो उसका स्वाद बढ़ जाता है। गंुजन करना मन्त्रों का उच्चारण करने के समान है। गुंजन करने से मन्त्र शक्ति जाग्रत होती है। यह मन्त्र के गुनगुनाने की समान है।

इससे हमारी अवांछित जल्दबाजी पर नियन्त्रण होता है। मन में उठते विचारों पर लगाम लगती है। भागम-भाग पर ब्रेक लगता है। व्यक्ति भटकने से बच जाता है। इससे गुस्सा कम होता है, इससे जीवन मंे संतुलन बढ़ता है। इस तरह भावनात्मक संतुलन स्थापित होता है।

गुंजन करो और  तनाव भगाए।

Related Posts:

मन को शांत करने भ्रामरी प्राणायाम कैसे करे

भ्रामरी प्राणायाम (Bhramari Pranayama)

प्राण ऊर्जा बढ़ाने प्राण ऊर्जा संवर्धन तकनीक (PET) का अभ्यास करें

कैन्सर चिकित्सा हेतु ऊर्जा का जागरण एवं सोच में परिवर्तन जरूरी

 

Advertisements

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s